जालंधरः कांग्रेस विधायक ने भाजपा और आप को बताया बड़ा और छोटा गुंडा आरोपः करप्ट सीएम को भाजपा ने बनाया पश्चिम बंगाल का सीएम।

जालंधरः देश और पंजाब के हालातों को लेकर कांग्रेस परगट सिंह ने भाजपा पर जमकर निशाने साधे। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए परगट सिंह ने कहा कि उसे किसी समय भाजपा ने करप्शन के मामले में पकड़ा था और आज उसे सीएम का पद दिया गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह आसाम में था। उन्होंने कहा कि वह 100 से अधिक ऐसे करप्ट नेताओं के नाम वह बता सकते है। वहीं पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में आप सरकार ने भी भाजपा का पैटर्न अपनाया है। विजिलेंस डिपार्टमेंट का काफी मिस यूज किया गया। ऐसे में अब चुनाव पास आए तो एजेंसियों की उन्हें याद आ गई। परगट सिंह ने कहाकि भाजपा और आप में अंदर से समझौता है और वह सिर्फ नूरा कुश्ती दिखाते है। एजेंसी की कार्रवाई को लेकर कहा कि यह भी नूरा कुश्ती ही होगी।
विजिलेंस ने 5 नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की। इसी के साथ जालंधर का एक विधायक भी करप्शन में शामिल है और आज उसी विधायक को सिक्योरिटी दे दी गई। परगट सिंह ने कहा कि कोर्ट में केस क्यों नहीं सरकार के मजबूत बने, क्योंकि धक्केशाही से कार्रवाई की गई थी। भाजपा को लेकर कहा कि जो खुद को पाक पवित्र समझ रही है, इसमें असल बात है कि इसमें एक छोटा गुंडा है और दूसरा बड़ा गुंडा है। पंजाब में पहले छोटे ने गुंडागर्दी की और अब बड़े आकर पंजाब को दबाने में लग गए। 6 राज्यसभा मेंबरों को लेकर कहा कि वह भाजपा के थे और उन्हीं में शामिल हो गए। आप सरकार को लेकर कहा कि पंजाब में केंद्र की एजेंसियों को इनवाइट किया गया और उन्हें यहां सब कुछ संभालने के लिए कहा गया। बीबीएमबी को लेकर कहा कि अब तक उस पर स्पेशल सेशन विधानसभा में नहीं बुलाया गया। पंजाब में आप पार्टी के खिलाफ भाजपा की कार्रवाई को लेकर कहा कि पंजाब में भाजपा ने आप पार्टी को उसकी पहचान दिखाई है और कहा कि भाजपा ने आप पार्टी को पंजाब में कांग्रेस के खिलाफ भेजा और उसकी यही पहचान है। भाजपा और आप दोनों आरएसएस के इशारे पर काम करने वाली पार्टियां है। परगट सिंह ने कहा कि भाजपा और आप में पीएम मोदी और केजरीवाल की असल लड़ाई है। इसमें आरएसएस की कोई लड़ाई नहीं है और ना ही दोनों की विचारधारा की कोई लड़ाई है। परगट ने कहा कि आज तक केजरीवाल ने दिल्ली के बारे में कुछ नहीं कहा। यह टास्क पूरा हो गया और यह टास्क कांग्रेस को दिल्ली से बाहर करने का था।

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